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विद्युत निगम की अपनी व्यथा

सोचो कितना अस्त-व्यस्त बिजली बोर्ड का संगठन है
दलालों को मुखिया हमारा मुख्य प्रबंधक निर्देशक है
चाहे तुम कितनी भी शिकायतें भ्रष्टाचार की कर लो
मुखिया बिका हुआ है वेश्या की तरह जिस्मफरोशी
यहां जिस्म अपना नहीं मजदूरों का बेचा है मुखिया ने
शिकायतें भी कितनी भ्रष्टाचार की एक जवाब नहीं
आखिर किसके हाथों की कठपुतली है हमारा प्रबंधन
33 केवी सब स्टेशन का ठेका देते हैं 4 कर्मचारी का
ठेकेदार लगा देता है एक दो कर्मचारी सब स्टेशन पर
हादसों पर अंकुश नहीं सुरक्षा का प्रबंधन कहां इसका
सट्टा का शौक है जनाब दलाली क्यों नहीं होगी आज
संगठन के मुखिया बन गए पहरेदार चापलूस ए गद्दार
आंखों में खटक ते हैं हम लोग विरोध प्रदर्शन करते हैं
कर्मचारी के लिए सब नियम कायदे बनाए प्रबंधन ने
ठेकेदारों के लिए सभी नियम कायदे बेचती है दलालों
आंखों में अगर थोड़ी सी कर्मचारी सुरक्षा कहां करते
253 शिकायतें भ्रष्टाचार की की संपर्क राजस्थान पर
हर का एक अलग जवाब है, फोन नहीं उठाया जनाब
शिकायत सूचना अधिकार अधिनियम 2005में आती
जनाब शिकायत भ्रष्टाचार की उपभोक्ता संबंधित नहीं
कितना भी सवाल उठा लो जवाब तुमको देंगे नहीं
मगर कब तक नहीं देंगे जनाब जवाब तो देना आपको
जानते हो सरदार की भी शिकायत सरकार से की है
यूं ही नहीं निजी करण को करने दूंगा अनुच्छेद 19 है
हरियाणा से दलाल मंगा लिए सिरसा डिंगमैन संधा
हर कोई जवाब नहीं देता मेरी शिकायत का ये जनाब
तुमने क्या सोचा कि सबूत और साक्ष्य नहीं दोगे कब
इतना तो याद रखना तन पर कपड़े ना होंगे तुम्हारे
बात कितनी भी कर लो हो तो भ्रष्टाचारी ना तुम कब
27000 में ठेका दिया 33 केवी सब स्टेशन संचालन
शर्त सुन लो तुम इनकी क्या है सब स्टेशन संचालन
प्रत्येक शिफ्ट में एक कर्मचारी प्रतिदिन तीन ITI है
ना कोई छुट्टी, कोई अवकाश उसे काम करो 24 घंटे
सुरक्षा की तुम बात ना करना बिके हुए दलालों से
हादसे पर परिवार रोता खडे, ना कोई मुआवजा दिए
दस्तावेज किसी और के हैं काम कोई और करता
और का होता मृत्यु प्रमाण पत्र किसी आज अजनबी
दलाली में कितना गिरा है ठेकेदार और अधिकारी
PTW भरी न जाती लॉक सीट को भरना नहीं आता
काम ज्ञान का है योग्यता का नहीं ठेकेदारों ने समझा
घर तक तुम्हारे रोशनी यह बात तुमको याद है आज
कभी तुमने सोचा नहीं खाना खाया नहीं उसने आज
तीन चार महीने तक वेतन नहीं मिलते हैं उस को
मांग वेतन की करता ठेकेदार से निकालने की धमकी
शर्तों के विरुद्ध लगाए हैं कर्मचारी यह बात जानते हो
2 लाख की हाइड्रोलिक क्रेन लगाई दिया कर्मचारी 1
दलाली का किस्सा भी अजीब अधिकारी सुनता कहां
कितनी शिकायतें करोगे जवाब तुमको नहीं देंगे कभी
भूल तुम्हारी नहीं हमारी है भ्रष्ट चुनाव अधिकारी हैं
जो ना बेच दे जमीर को अधिकारी कहां डिस्कॉम मेरे
भ्रष्टाचार के खिलाफ निजीकरण भी रोकने का जज्बा
ट्रेड यूनियन बनाई किस लिए भ्रष्टाचार मिटाने के लिए
जब भ्रष्ट अधिकारी ही चुन ली संगठन ने ट्रेड यूनियन
कुछ को पता नहीं दोसा है क्या होता है दलालों पूछा
कुछ ना कुछ तो होगा तुम्हारे खिलाफत आंदोलन भी है
©lawnishtha