दो दिलों की धड़कन में छुपी एक अनकही कहानी,
प्रेम की वो मधुर घड़ी, विरह का वो अजब बयानी।
प्रेम में मिले सुख-दुःख की, मिति नहीं कोई पहचानी,
विरह की आग में खुद को, तपा के ईश्क को पहनानी।
जब दूरियां हों बीच में, प्रेम लगे और भी गहरा,
विरह की वो काली रातें, प्रेम के दिनों को करे सवेरा।
आँसू और मुस्कान का, अजब रिश्ता है प्रेम विरह में,
एक बिना दूजे के अधूरा, ये सारा जहाँ ही निरर्थक समझ में।
प्रेम की गहराई में, विरह की सीख छुपी होती,
जीवन के इस खेल में, प्रेम और विरह की पाठशाला आवश्यक होती।