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विश्वासघात

●मुसीबत का बलात्कार तू ना कर,
माँ बाप के विशवास का विशवास घात तू ना कर।
●जो किया तेरे लिये किया,
जीवन अपना न्योशावर किया।
●उम्र से पहले बुढ़ापा आया,
ओर तूने वृद्धाश्रम का रास्ता दिखाया।
●दिन रात एक किया उससे चंद पैसा आया,
सोचा बेटा नाम करेगा उसने तो pubg.. tiktok.. पर समय गवाया।
●रोता हु, सोच कर ओर लिख जाता हूं कुछ पंक्तियों को,
थोड़ी सी मोहमाया के लिये दलदल में धस रहा खुद को।
💕प्रज्जवल सक्सेना💕
©p.saxena