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वो दास्तां अधूरी रह गई।

कुछ बातें, कुछ यादें, कुछ ख्वाहिशें अधूरी रह गई।
कुछ मांगा था उस रब से,
देखो आज वो फ़रियाद अधूरी रह गई।
जिसने छोड़ा था दुनिया को एक शख़्स के लिए
देखो दुनिया की इस भीड़ में
आज वो भी तन्हा रह गई।
जिसे माना था ज़िंदगी,
देखो आज वो दास्तां भी अधूरी रह गई।।।
©mahi.k