यह हाथ जब तुम्हारे हाथों में आया था
वो दिन है और आज का दिन है।
यह हाथ फ़िर किसी से ना मिल पाया था।
तेरे हाथों की खुशबू
मुझे महका गई थी
मानों जैसे
मेरा ही हिस्सा मुझसे
दूर जा रहा था
आज ना तू मेरी
ना मैं तेरा हो पाया हूं।
फ़िर भी तेरे ख्यालों में डूबा
मैं हर पल तुझे महसूस करता आया हूं।
©ayush1971
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