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वो शाम सा है

पता है , वो शाम सा पल भर में ही ढल जाता है
और आँखे भी कुछ वक़्त से बुझी सी लगने लगी हैं उसकी
लगता है यहाँ अंधेरी रात करके किसी और का सवेरा कर रहा है
©Nain