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WAQT

ये वक्त है यार जब चाहे हंसाता है
जब चाहे रुलाता है यही है जो
कभी चेहरे फक्र से ऊपर उठवाता है
तो कभी शर्म से गर्दन नीचे झुकवाता है
©msuryam