M msuryam hi 23 जुलाई 2025 WAQT ये वक्त है यार जब चाहे हंसाता है जब चाहे रुलाता है यही है जो कभी चेहरे फक्र से ऊपर उठवाता है तो कभी शर्म से गर्दन नीचे झुकवाता है©msuryam