अतीत की राहों में खोया है मन,
कुछ खट्टी, कुछ मीठी स्मृतियों का गगन।
हर पल, हर लम्हा, बीते की एक कहानी,
सुख-दुख के साथी बन, बचे जो सानी।
कैसे भूलूं वो बचपन की शरारतें,
दोस्तों के साथ की वो मस्ती भरी बातें।
उन खेलों की दोपहरी, उस बरसात की रात,
यादों के झरोखे से बीतती जाती जिंदगी की सौगात।
अतीत का दर खुलता है, यादें बहती हैं झील की तरह,
कभी गहराई में छुपा दर्द, कभी सतह पर खुशी की परछाई।
लेकिन हर एक लम्हे में, जीवन की सीख छुपी होती,
अतीत के पन्नों से, वर्तमान की राह लिखी होती।
कोई भी पल व्यर्थ नहीं, हर याद एक खजाना,
अतीत की मिट्टी में सोना, आज के सपनों का बहाना।
इन यादों के संग, बुनते हैं आज की कह