यादों का संग्रहालय

पुरानी तस्वीरें, यादों के झरोखे,
खोलतीं वो किस्सों के रोके-टोके।
समय की धूल इनपर पड़ी भारी,
पर खुशियों की खुशबू है अब भी सारी।

बीते पलों की साक्षी, इनमें सजे,
हँसी, खुशी, आँसू, सब कुछ बजे।
उन मोड़ों पर फिर से चल पड़े,
जहाँ जीवन के फूल हमने मिल के खड़े।

कोने में धूल के परतों के नीचे,
छिपे बचपन के खेल, नाचे-गाएं गीते।
पुरानी तस्वीरों में जीवन की गाथा,
समझाती है कैसे चलना हमें अपनी राह पर भाग्य से बाँधा।

इन तस्वीरों में है वो अनकहा प्यार,
जो जीवन भर रहता है अपनों के संग साथ।
पुरानी तस्वीरें, न केवल कागज के टुकड़े,
ये तो हैं हमारे अतीत के सुनहरे बुकुरे।