चीन परिचित कई मिले
पर जानने वाला कोई न
शक्ल मिली पुरानी कई
पर सूरत कोई अपनी न
भटक रहे थे तलाश में
कुछ कर्म काज मिल जाए
दिन भर की खोज को
एक परिणाम मिल जाए
तप श्रम और त्याग से
कुछ तो अर्जित कर ही ले
रास्तों के मोड़ देख
अगला चरण तो जान ले
यात्रा की स्मृतियां
धुंध में कही लुप्त हैं
यात्रा का अंत जो
यात्रियों से रिक्त हैं
©namrata05
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