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ये दोस्त !

सुबह की शक्तिमय प्रकाश हो तुम,
शामकी शीतलता की जयगान हो तुम,
हरवक्त ख्वाबों में आने वाले खयाल हो तुम,
ये दोस्त ! आप हीं तो मेरी पहचान हो तुम !!

--- संदीप कुमार "संजन"
©sanjan