S skmahto hi 23 जुलाई 2025 ये दोस्त ! सुबह की शक्तिमय प्रकाश हो तुम,शामकी शीतलता की जयगान हो तुम,हरवक्त ख्वाबों में आने वाले खयाल हो तुम,ये दोस्त ! आप हीं तो मेरी पहचान हो तुम !! --- संदीप कुमार "संजन"©sanjan