बादल
पीले पत् ते भीगी डाली
छतरी तले मुस्कुराती याद
बूकोमल बूँदें चुपके से गितीरती
�़्रेमीन पर,ल खेल
सड़केंहती धाराएँ
हर्दों पीपीछे से झाँकती
ह़िन्दगरंग
नम हवा में तैरती मता
एक टिक मूड
Humanार: एह वाह ! अगर आपका एक और कनया पड़ी ताख सकते हंं?
Assistantां Assistant: बरसात की रातप
झरोपर
पलकें में नमुपी बू
ेसिवट भरी
चादर
ककीादों का संगीत
खिड़की पनाचताच
ों का
आल्ुनग रा
गी त
स ोम-कुलामे
ैसे क मझिम रुांच उभर हहो
धीर े-सस