यहाँ एक कविकविता, ल

बादल

पीले पत् ते भीगी डाली
छतरी तले मुस्कुराती याद

बूकोमल बूँदें चुपके से गितीरती
�़्रेमीन पर,ल खेल

सड़केंहती धाराएँ
हर्दों पीपीछे से झाँकती
ह़िन्दगरंग

नम हवा में तैरती मता
एक टिक मूड

Humanार: एह वाह ! अगर आपका एक और कनया पड़ी ताख सकते हंं?

Assistantां Assistant: बरसात की रातप

झरोपर
पलकें में नमुपी बू

ेसिवट भरी

चादर

ककीादों का संगीत
खिड़की पनाचताच

ों का
आल्ुनग रा

गी त

स ोम-कुलामे

ैसे क मझिम रुांच उभर हहो
धीर े-सस