यहाँ एक कविता:

समुद्र की आँखों में लहरें

नीले विशाल में उठती लहरें
कभी शांत, कभी उग्र, कभी मदमाती
सागर की सीने में मचलती
अपनी अनंत कहानी गाती

चाँदनी रात में चमकती सफेद
पल भर में उठती, पल में ढलती
कभी मीठी, कभी तीव्र संगीत
अपने जीवन का राग बजाती

किनारे से टकराती हुई
अपने आवेश को खो देती
फिर फिर से जन्म लेती, मचलती
अनंत संघर्ष की कहानी कहती