मित्रता का रंग
साँझ की धुंध में, मुस्कान बिखेरते
हम दोनों, बातें गढ़ते
कभी हँसी, कभी आँसू बाँटते
अपने सपने, अपनी परछाईं साझा करते
दूरियाँ मिटतीं, क्षण में ही
एक अनकही भाषा में
शब्दों से परे, भाव गहरे
मित्रता का यह अनमोल तोहफा
मित्रता का रंग
साँझ की धुंध में, मुस्कान बिखेरते
हम दोनों, बातें गढ़ते
कभी हँसी, कभी आँसू बाँटते
अपने सपने, अपनी परछाईं साझा करते
दूरियाँ मिटतीं, क्षण में ही
एक अनकही भाषा में
शब्दों से परे, भाव गहरे
मित्रता का यह अनमोल तोहफा