बादल की गोद में
सिमट आया आकाश, काला और गहरा
बूँदें गिरीं, धरती पर एक नाच सजाया
पत्तों पर थरथराती हल्की पुकार
छत पर छम-छम की एक मधुर संगत
भीग रही हैं डाลें, गीली हरियाली
मन में एक अजीब सी शांति बसती
बादल की गोद में
सिमट आया आकाश, काला और गहरा
बूँदें गिरीं, धरती पर एक नाच सजाया
पत्तों पर थरथराती हल्की पुकार
छत पर छम-छम की एक मधुर संगत
भीग रही हैं डाลें, गीली हरियाली
मन में एक अजीब सी शांति बसती