यहाँ एक कविता:

बादल की गोद में

बूँदें छलकती हैं आज,
धरती के गाल पर मुस्कुराती
सड़कें चमकीली, पत्ते हरे-भरे
एक नई उम्मीद जैसे आती

कागज की नाव तैरती
पानी में खेलती निडर
बचपन की याद दिलाती
हर बूँद एक नया संसार

मेघों का गरजना, बिजली का चमकना
प्रकृति का एक अनोखा संगीत
भीगी हुई माटी की सुगंध
हर पल में छुपा एक गीत