लहरों का नृत्य
नीले आकाश के तट पर
समुद्र करता मौन संवाद
हर लहर एक कहानी लिए
चलती अनंत की याद
क्षितिज तक फैली शांति में
उठती-गिरती आह सी
कभी गरजती, कभी मधुर
प्रकृति की यह अनोखी राह
धीरे-धीरे छूती किनारे
फिर लौटती गहराइयों में
जैसे जीवन की कहानी
बहती अपने सपनों में