लहरों के गीत
समुद्र की गोद में उछलती लहरें
कभी मुस्कुराती, कभी बिखरती
नीले आकाश से मिलती हुई
अनंत की कहानी कहती हुई
चंचल तरंगें, स्वतंत्र आत्मा
हर छोर को छूती, हर किनारे को गले लगाती
कभी शांत, कभी प्रचंड
अपनी अनंत यात्रा में मस्त
लहरों के गीत
समुद्र की गोद में उछलती लहरें
कभी मुस्कुराती, कभी बिखरती
नीले आकाश से मिलती हुई
अनंत की कहानी कहती हुई
चंचल तरंगें, स्वतंत्र आत्मा
हर छोर को छूती, हर किनारे को गले लगाती
कभी शांत, कभी प्रचंड
अपनी अनंत यात्रा में मस्त