यहाँ एक कविता है:

लहरों का नृत्य

नीले आकाश में, अनंत समुद्र पर
उछलती, गाती, बहती लहरें
कभी शांत, कभी उग्र, कभी मदमाती
अपने जीवन का गीत गाती

सिल्वर चमक में, सूरज की किरणों संग
नाचती, झूमती, बिखरती रंग
क्षण में गुस्सैल, क्षण में मृदु स्पर्श
हर लहर में छुपा एक अनोखा वर्ष

किनारे पर मिलती, फिर लौटती दूर
कभी मधुर संगीत, कभी तूफान का स्वर
समुद्र की गोद में, अनंत की यात्रा
लहरों का यह अद्भुत नृत्य, जीवन की व्याख्या