यहाँ एक कविता है:

पुरानी तस्वीरें

धूल भरी राम, एक पुरानी फोटो-एल्बम
चेहरे मुस्कुराते, बीते हुए पल

कभी हँसते थे जो, अब छाया मात्र
समय की राख में दबे, कुछ अधूरे ख्वाब

कागज पर जमी हुई, स्मृतियों की याद
हर फोटो एक कहानी, हर रंग एक संवाद

पीली हुई किनारें, फीके हुए रंग
फिर भी जीवंत हैं वे, अपने अरमानों के संग