यहाँ एक कविता है:

धुंधली स्याही में खोई हुई यादें
पुरानी किताब की मुड़ी हुई पन्ने

समय के पीछे छुपी हुई मुस्कानें
चेहरों पर बिखरी हुई पुरानी कहानें

अतीत के दरवाजे पर टंगी हुई
एक पुरानी तस्वीर, एक अधूरी सी आह

याद आते हैं वो पल, जो फिर नहीं लौटेंगे
बस महक की तरह, जो कभी थम जाएंगे