हरी-हरी घास पर मोर नाचता
पत्तों में हवा के संग गाता
पहाड़ों की गोद में बहती नदी
चमकती धार, निर्मल और अबोधी
बादल छाए, रंग-बिरंगे फूल
प्रकृति का यह अनमोल है जूल
मौसम बदले, रूप बदले अनोखे
हर पल नया, हर दृश्य है रोके
हरी-हरी घास पर मोर नाचता
पत्तों में हवा के संग गाता
पहाड़ों की गोद में बहती नदी
चमकती धार, निर्मल और अबोधी
बादल छाए, रंग-बिरंगे फूल
प्रकृति का यह अनमोल है जूल
मौसम बदले, रूप बदले अनोखे
हर पल नया, हर दृश्य है रोके