शहर की रोशनी
चमक रही हैं खिड़कियाँ,
जैसे जगमग तारे रिमझिम
सड़कों पर बिखरी हुई
हजारों चमक की किरणें
नीले-सफेद प्रकाश में
झिलमिलाते सपने कहीं
धुंधली सी आँखों में
जलते हुए शहर के संगीत
हर रात एक नया सच
जगाती मौन बत्तियाँ
शहर की रोशनी
चमक रही हैं खिड़कियाँ,
जैसे जगमग तारे रिमझिम
सड़कों पर बिखरी हुई
हजारों चमक की किरणें
नीले-सफेद प्रकाश में
झिलमिलाते सपने कहीं
धुंधली सी आँखों में
जलते हुए शहर के संगीत
हर रात एक नया सच
जगाती मौन बत्तियाँ