यहाँ एक कविता है:

तेरी याद के सागर में

तेरी याद के सागर में डूबा रहता हूँ
हर पल, हर श्वास में तुझको ढूँढता हूँ

दूरियाँ कितनी भी बड़ी हों, प्रेम अटल रहता
तेरे बिन अधूरा, तेरे संग मैं पूरा रहता

कभी बादलों में तुझे देखता, कभी हवा में सुनता
तेरी आँखों की गहराई में अपना अरमान बुनता

विरह की राह कठिन है, पर प्रेम और भी गहरा
हर दर्द, हर आँसू में तेरा ही संसार बसता