सुबह की पहली किरण
हरी घास पर मोती सी बिखरी शबnam
चाँदनी में नाचते पत्तों के झुंड
पहाड़ों पर बादलों का गोरा चादर
नदी में बहती शांत मंद हवा
प्रकृति की मुस्कान छलकती है चारों ओर
हर कोई है अपने रंग में रंगा
सुबह की पहली किरण
हरी घास पर मोती सी बिखरी शबnam
चाँदनी में नाचते पत्तों के झुंड
पहाड़ों पर बादलों का गोरा चादर
नदी में बहती शांत मंद हवा
प्रकृति की मुस्कान छलकती है चारों ओर
हर कोई है अपने रंग में रंगा