सुबह की चाय
उजाले में भाप उठती
मेरी प्याली में संसार बसता
एक चुस्की में मिलते सपने
एक घूंट में जागते अरमान
मसालेदार चाय की महक
खिड़की से झाँकते सूरज सी
कुरकुरी अदरक के स्वाद में
जैसे जीवन का रस घुला
सुबह की चाय
उजाले में भाप उठती
मेरी प्याली में संसार बसता
एक चुस्की में मिलते सपने
एक घूंट में जागते अरमान
मसालेदार चाय की महक
खिड़की से झाँकते सूरज सी
कुरकुरी अदरक के स्वाद में
जैसे जीवन का रस घुला