सुबह की चाय
उबलते पानी में डूबा अरमान
चुस्की में छिपा एक पुराना गीत
भाप उठती, सपने मिलते
मेरी प्याली में बहती शांति
एक घूँट, फिर एक घूँट
जैसे जीवन का रस पीता हूँ
सुबह की चाय, मेरी मुस्कान
एक नई उम्मीद का प्यादा
सुबह की चाय
उबलते पानी में डूबा अरमान
चुस्की में छिपा एक पुराना गीत
भाप उठती, सपने मिलते
मेरी प्याली में बहती शांति
एक घूँट, फिर एक घूँट
जैसे जीवन का रस पीता हूँ
सुबह की चाय, मेरी मुस्कान
एक नई उम्मीद का प्यादा