यहाँ एक कविता है:

सुबह की चाय

मेरी मुट्ठी में गर्मा गर्म प्याला
एक सांस में उमंग, एक घूंट में जहाला

भाप उठती, किस्से कहती
पुरानी यादों को मचलती

चाय के साथ जागता दिन
मन में नई उम्मीदों का चिंतन