यहाँ एक कविता है:

तेरी याद के सागर में

तेरी याद के सागर में डूबा रहता हूँ
हर पल तुझे ढूँढता, बिखरा रहता हूँ

कभी सुबह की चाय में, कभी शाम की हवा में
तेरी आँखों के संगीत को महकाता रहता हूँ

दूरियाँ बढ़ती हैं, पर प्रेम सिकुड़ता नहीं
मेरा दिल तेरे नाम का एक द्वीप बना रहता हूँ