नीले अंधेरे में जागे सितारे
चाँदनी में बिखरे हुए प्यारे
मौन रात की गोद में टिमटिमाते
अपने सपने चुपके से सजाते
हर तारा एक कहानी कहता है
मौन मंथन में मन को बहलाता है
धरती से दूर, आकाश के पार
चमकते हुए अनंत के द्वार
नीले अंधेरे में जागे सितारे
चाँदनी में बिखरे हुए प्यारे
मौन रात की गोद में टिमटिमाते
अपने सपने चुपके से सजाते
हर तारा एक कहानी कहता है
मौन मंथन में मन को बहलाता है
धरती से दूर, आकाश के पार
चमकते हुए अनंत के द्वार