यहाँ एक कविता है:

नीली रात की चादर में
जगमग करते सितारे

चाँदनी में बिखरे हुए
सपनों के नन्हे किनारे

मौन आकाश में टिमटिमाते
शांत, गहरे, और प्यारे

धरती से दूर, फिर भी करीब
ये चमकते प्यारे सहचरे