यहाँ एक कविता है:

शहर की रोशनी

चमकते बल्ब, बिजली के तार
रात में जगमग होते पार

नीऑन साइन, स्मार्ट फोन की स्क्रीन
हर कोने में एक रंगीन नज़रीन

सड़कों पर बिखरी रोशनी चंचल
जीवन की गति, कहानी अविरल

कभी थकी आँखों में चमक
कभी अकेलेपन में एक स्पर्श मधुर

सपने जलाते हुए दीप सा
शहर बुनता अपना चित्र नया