मौन कमरे में रहता हूँ
दीवारें मेरी अकेलेपन की साक्षी
मन की गहराइयों में छुपी व्याकुलता
शब्द बिखरे हुए, कोई नहीं सुनता
सिर्फ मेरी परछाईं मेरी संगत
कभी-कभी खिड़की से झाँकता हूँ
बाहर की दुनिया में रौनक देखता हूँ
लेकिन मेरा अकेलापन
एक गहरा समुद्र है जिसमें डूबा जाता हूँ