यहाँ एक कविता है:

शहर की रोशनी

चमकते हुए शीशे में
झिलमिलाते सपने रहे

हर कोने में बिखरी हुई
रंगीन बत्तियों की कहानी

सड़कों पर नियॉन के तार
चुपके से जगाते मुसकान

दूर तक फैली हुई
रोशनी की महक सजी

शाम ढलते ही जगमग
शहर अपना श्रृंगार करता