काली रात में चमकते सितारे
जैसे हीरे बिखरे हुए प्यारे
मौन आकाश में टिमटिमाते
अपनी चुप्पी में कुछ कहते जाते
कभी नज़दीक, कभी दूर से
चमक उठते हर पल नए रंग में
सपनों के दरवाज़े खोलते
मेरी आँखों में अरमान जगाते
काली रात में चमकते सितारे
जैसे हीरे बिखरे हुए प्यारे
मौन आकाश में टिमटिमाते
अपनी चुप्पी में कुछ कहते जाते
कभी नज़दीक, कभी दूर से
चमक उठते हर पल नए रंग में
सपनों के दरवाज़े खोलते
मेरी आँखों में अरमान जगाते