यहाँ एक कविता है:

तेरी याद के सागर में

तेरी याद के सागर में डूबा हुआ
हर पल तुझे ढूँढता हुआ

दूर होकर भी पास महसूस करता हूँ
तेरी सांसों का संगीत सुनता हुआ

बिखरे हुए पल, फीकी यादें
आँखों में छलकती जाते हैं

प्रेम की डोर है अटूट अभी भी
चाहे दूरियाँ कितनी भी बढ़ जाएँ