बादल की फुसफुसाहट
गरजते बादल, चमकती बिजली
धरती की प्यास बुझाने चली
बूँदें गिरती, पत्तों पर नाचती
छत पर थाप, मन में उमंग लाचती
मिट्टी की सुगंध, हरियाली छाई
प्रकृति ने जैसे नया जीवन पाई
कागज की नाव, पानी में तैरती
बचपन की यादें, दिल में मचलती
बादल की फुसफुसाहट
गरजते बादल, चमकती बिजली
धरती की प्यास बुझाने चली
बूँदें गिरती, पत्तों पर नाचती
छत पर थाप, मन में उमंग लाचती
मिट्टी की सुगंध, हरियाली छाई
प्रकृति ने जैसे नया जीवन पाई
कागज की नाव, पानी में तैरती
बचपन की यादें, दिल में मचलती