यहाँ एक कविता है:

तू दूर, मैं यहाँ

तेरी यादों के सागर में
डूबता हुआ किनारा हूँ
हर साँस में तेरी महक
हर धड़कन में तुम्हारा राग

कभी मिलन की आस में
कभी विरह की व्यथा में
बहता हुआ एक अकेला
प्रेम का अधूरा तराना हूँ