पुरानी अल्मारी में सोई यादें
धूल भरे एल्बम में छुपी मुस्कानें
रूँधे से सपने, बीते हुए पल
किसी पुरानी डायरी की पन्नों पर
अभी भी साँसें लेते हैं
चाबी घुमाते ही खुलते हैं किस्से
कभी मीठे, कभी बिखरे हुए
जैसे समय के पन्ने पलटती हुई
एक पुरानी फिल्म की तरह
पुरानी अल्मारी में सोई यादें
धूल भरे एल्बम में छुपी मुस्कानें
रूँधे से सपने, बीते हुए पल
किसी पुरानी डायरी की पन्नों पर
अभी भी साँसें लेते हैं
चाबी घुमाते ही खुलते हैं किस्से
कभी मीठे, कभी बिखरे हुए
जैसे समय के पन्ने पलटती हुई
एक पुरानी फिल्म की तरह