यहाँ एक कविता है:

रात की चादर में
चमकते सितारे

जैसे छिपी हुई आँखें
करते संवाद प्यारे

धरती पर मौन सा
आकाश में किलकारे

चाँदनी के बीच में
बिखरे हुए नग़ारे