यहाँ एक कविता है:

तेरी याद के सागर में

तेरी याद के सागर में डूबा रहता हूँ
हर पल तुझे ढूँढता, रोता रहता हूँ

बिखरे पल, मुरझाए फूल सी तन्हाई
सूनी राहों पर चलता, भटकता जाता हूँ

दूर होकर भी पास हो तुम
मेरी हर सांस में बसी हो अनजाने

प्रेम की इस अनंत धारा में
खो जाता हूँ, मिल जाता हूँ