अकेलापन
शब्दों के बीच खाली कमरा
मौन की दीवारें, चुप्पी का पहरा
किसी से बात करने को मन करता है
पर आवाज़ फँसी, गला भर आता है
सोशल मीडिया पर हजारों कनेक्शन
फिर भी अंदर एक गहरा विच्छेदन
उँगलियाँ स्क्रीन पर फिसलती हैं
पर कोई स्पर्श नहीं, सब मिलती नहीं
अकेले में भी भीड़ है
पर एकांत की पीड़ा है