धूसर पन्नों में छुपी यादें
मुरझाए फोटो में मुस्कान अटकी
रेशम की डोर पर लटकी पुरानी बातें
हर मोड़ पर फिसल जाती स्मृतियाँ
जैसे बह जाते हैं बादल, क्षणभर में
आँखों में अभी भी चमकते वो पल
जो समय ने धीरे-धीरे मोड़ लिए
अतीत के कोने में दबी आवाजें
फिर भी जीवित, फिर भी सजीव