यहाँ एक कविता है "अतीत के सागर" शीर्षक से:

अतीत के सागर में डूबी स्मृतियाँ
चमकती मोती सी चुभती यादें

कभी हँसी, कभी आँसू बिखरे
पुरानी राहों पर फिर से चलते

धुंधले फोटो, पीली डायरियाँ
कहती हैं अनकही सी कहानियाँ

समय की रेत में दब गए पल
फिर भी जीवंत, सजीव, निराले