यहाँ एक कविता है "अतीत के खंडहर" शीर्षक से:

अतीत के खंडहर

धूल भरी राहों पर बिखरी हुई यादें
जैसे फीके रंग, कुछ मुस्कुराते हुए

पुरानी तस्वीरें, मोड़ों पर छुपी
हर एक पल एक कहानी सुनाती है

स्मृतियों के झरोखे से झाँकता हुआ
वह बीता हुआ समय, अभी भी जीवंत

क्षण-क्षण में जमा हुआ एक संसार
जो धीरे-धीरे फीका पड़ता जाता है