पुरानी याद, धूसर पन्ने पर
उकेरे गए चित्र अधूरे
बीते पल की मसिया में
कभी हँसी, कभी नमी भरे
समय के बहाव में बहती
स्मृतियाँ, जैसे पतझड़ की पत्तियाँ
कभी चुभती, कभी सहलाती
मन के कोने में बसी पुरानी धड़कनें
पुरानी याद, धूसर पन्ने पर
उकेरे गए चित्र अधूरे
बीते पल की मसिया में
कभी हँसी, कभी नमी भरे
समय के बहाव में बहती
स्मृतियाँ, जैसे पतझड़ की पत्तियाँ
कभी चुभती, कभी सहलाती
मन के कोने में बसी पुरानी धड़कनें