सुबह की चाय
उबलते पानी में डूबी पत्तियाँ
महकती सी एक आस
चुस्की भर में छिपा है
जीवन का विश्वास
भाप उठती कप से ऊपर
मन की थकान धुलती
एक गर्म चुस्की में मिलती
सारी दुनिया निखरती
सुबह की चाय
उबलते पानी में डूबी पत्तियाँ
महकती सी एक आस
चुस्की भर में छिपा है
जीवन का विश्वास
भाप उठती कप से ऊपर
मन की थकान धुलती
एक गर्म चुस्की में मिलती
सारी दुनिया निखरती