यहाँ एक कविता है "बारिश के दिन" पर:

बादल छाए, मन में उमंग

गिरती बूँदें, धरती पर रंग
सिल-सिलाती पानी की तान
भीग रहा हर कोना-मकान

मोर नाचे, पत्ते हँसे
पुरानी यादें दिल में मचलें
बारिश की मीठी सरसराहट
कर दे मन को एक नई बात