यहाँ एक कविता है बारिश के दिनों पर:

बादल की गोद में छुपा आसमान

बूँदें गिरती, धरती को निहारती
सड़कें भीगीं, पत्ते लहराती
मन में एक अजीब सी मीठी उदासी
कोई पुरानी याद, कोई नई आस

झरोखे से झाँकती बारिश की चादर
गीले संगीत में डूबा हर पल, हर पहर
कागज की नाव सी तैरती आँखें
बरसात के साथ बहती कल्पनाएँ