यहाँ एक कविता है बारिश के दिनों पर:

बादल की गोद में
छिपी है एक कहानी

बूँदें जैसे मोती गिरते
धरती पर मुस्कुराती

पत्तों पर थिरकती
पावों में भीगती

नन्हे-नन्हे संगीत
बरसात का संगीत

कागज की नाव में
सपने बहाती हुई